Thursday, 11 January 2018

भारत का इतिहास प्राचीन भारत प्रागैतिहासिक काल

प्रागैतिहासिक काल

  • जिस काल में मनुष्य ने घटनाओं का कोई लिखित विवरण नहीं किया उसे प्रागैतिहासिक काल कहते हैं |मानव विकास के उस काल को इतिहास कहा जाता है जिस का विवरण लिखित रूप में उपलब्ध है| 
  • आध ऐतिहासिक काल उस  काल को कहते हैं जिस काल में लेखन कला के प्रचलन के बाद उपलब्ध लेख पढ़ने नहीं जा सके|
  •  ज्ञानी मानव  होमो सेपियंस का प्रवेश इस धरती पर आज से लगभग 30 या 40000 वर्ष पूर्व हुआ|
  •  पूर्व पाषाण युग के मानव की जीविका का मुख्य आधार था शिकार|
  •  आग का आविष्कार पुरापाषाण काल में एवं पहिए  का आविष्कार नवपाषाण काल में हुआ|
  •  मनुष्य में स्थाई निवास की प्रवृत्ति नवपाषाण काल में हुई कथा उसने सबसे पहले कुत्ता को पालतू बनाया| 
  •  मनुष्य ने सर्वप्रथम तांबा धातु का प्रयोग किया तथा उसके द्वारा बनाया जाने वाला प्रथम  औजार कुल्हाड़ी था|
  •   कृषि का आविष्कार नवपाषाण काल में हुआ|  प्रागैतिहासिक काल  अन्न उत्पाद   स्थल मेहरगढ़ पश्चिमी बलूचिस्तान में अवस्थित है| कृषि के लिए अपनाई गई सबसे प्राचीन फसल गेहूं एवं जो थी|
  •  कृषि का प्रथम उदाहरण मेहरगढ़ से प्राप्त हुआ है|  कोल्डीहवा  का संबंध चावल के प्राचीनतम साक्ष्य से हैं|
  •  पल्लावरम नामक स्थान पर प्रथम भारतीय  पुरापाषाण  कलाकृति की खोज हुई थी|
  • भारत में पूर्व प्रस्तर युग के अधिकांश   औजार स्फटिक पत्थर के बने थे|
  •  रॉबर्ट ब्रूस फुट पहले व्यक्ति थे जिन्होंने 1863 ईसवी मैं भारत में पुरापाषाण कालीन औजार की खोज की|
  •  भारत का सबसे प्राचीन नगर मोहनजोदारो था,  सिंधी भाषा में जिसका अर्थ है मृतकों का टीला|
  •  असम का   श्वेतभ्रू  गिबन भारत में पाया जाने वाला एकमात्र मानव कपि है|
  • इनामगांव ताम्र पाषाण युग की एक बड़ी बस्ती की| इसका संबंध जोरवे संस्कृति से है|
  • भारत में शिवालिक की पहाड़ी से जीवाणु का प्रमाण मिला है|
  •  भारत में मनुष्य संबंधी सबसे पहला प्रमाण नर्मदा घाटी में मिला है|
  •  नोट भारतीय नागरिक सेवा के अधिकार रिजले प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने प्रथम बार वैज्ञानिक आधार पर भारत की जनसंख्या का प्रजातीय विभेदीकरण किया|

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